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चरà¥à¤® रोग विशेषजà¥à¤ž डा. रà¥à¤šà¤¿ पटवरà¥à¤§à¤¨ का कहना है कि सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ सोरायसिस को आमतौर पर लोग पहचान ही नहीं पाते हैं। इसे लोग खà¥à¤¶à¥à¤•ी के तौर पर ही लेते हैं, लेकिन ये बीमारी आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ असर डालती है। यदि इसका इलाज वकà¥à¤¤ पर न हो तो इससे मौत तक हो सकती है।
सोराइसिस यानी जानलेवा चरà¥à¤®à¤°à¥‹à¤—
मेडिकल साइंस में सोराइसिस à¤à¤• कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ऑटो-इमà¥à¤¯à¥‚न सà¥à¤•िन डिसीस है, इसमें तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकायें (सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸) तेजी से बनने के कारण सà¥à¤•ेलिंग (शलà¥à¤•न) होने लगती है, जिससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर सूजन और लाल-सफेद चकतà¥à¤¤à¥‡ बनते हैं, इनसे खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन और दरà¥à¤¦ होता है। कà¥à¤› समय बाद इन पर सूखी पपड़िया बन जाती हैं। ये चकतà¥à¤¤à¥‡ शरीर में à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤• महीने या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहते हैं, ठीक होने के बाद फिर से किसी दूसरे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर उà¤à¤° आते हैं। सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ का जीवन चकà¥à¤° à¤à¤• महीने का होता है। सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ को सà¥à¤•िन में गहराई की ओर बà¥à¤¨à¤¾ चाहिये लेकिन सोराइसिस की वजह से इनके सतह पर बà¥à¤¨à¥‡ के कारण पपड़ियां बन जाती हैं। सोराइसिस से सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ अति-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तेजी से कà¥à¤› दिनों या महीनों चलती रहती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मरीजों में सोराइसिस के चकतà¥à¤¤à¥‡ जोड़ों (कोहनी और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡) पर उà¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं, लेकिन ये शरीर में कहीं à¤à¥€ उà¤à¤° सकते हैं जैसेकि हाथ, पैर, गले, खोपड़ी या चेहरे।
दà¥à¤°à¥à¤² मामलों में यह रोग नाखून, मà¥à¤‚ह और जननांगों में à¤à¥€ होता है। डायबिटीज 2, इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बॉउल डिसीस, हारà¥à¤Ÿ डिसीस, सोराइटिक गठिया, à¤à¤‚गà¥à¤œà¥‰à¤¯à¤Ÿà¥€ और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से जूठरहे लोगों को सोराइसिस होने के चांस अधिक होते हैं। हमारे देश में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤· इसके à¤à¤• करोड़ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मामले सामने आते हैं, यह बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होती लेकिन दवाओं, खानपान और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ से इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करके सामानà¥à¤¯ जीवन जी सकते हैं।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है सोराइसिस?
सोराइसिस का मूल कारण इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बिगड़ना है। इसमें खून में मौजूद टी सेलà¥à¤¸ अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को बाहरी ततà¥à¤µ समà¤à¤•र उसे नषà¥à¤Ÿ करने लगते हैं तो तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन आने से वह लाल रंग की हो जाती है, इससे बचने के लिये शरीर, तà¥à¤µà¤šà¤¾ के सेलà¥à¤¸ का ओवर पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ करता है जिससे नये सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ तेजी से बनते हैं और ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पपड़ी के रूप में जम जाते हैं।
कà¥à¤› मामलों में यह जेनेटिक होती है, यदि परिवार में कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी को सोराइसिस हà¥à¤† है तो यह नजदीकी फैमिली मेमà¥à¤¬à¤° को à¤à¥€ हो सकता है। वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ ऑरà¥à¤—नाइजेशन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सोराइसिस के 2 से 3 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मरीज जेनेटिक होते हैं।
बहà¥à¤¤ से मामलों में कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ सोराइसिस को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ (टà¥à¤°à¤¿à¤—र) करते हैं, मेडिकल लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सोराइसिस टà¥à¤°à¤¿à¤—ररà¥à¤¸ कहा जाता है। इनमें सबसे कॉमन है सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ या तनाव। यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ लमà¥à¤¬à¥‡ समय से तनाव में हैं तो वह कà¤à¥€ à¤à¥€ सोराइसिस का शिकार हो सकता है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में शराब पीना इसे टà¥à¤°à¤¿à¤—र करता है, इससे सोराइसिस बार-बार उà¤à¤°à¤¤à¥€ है। à¤à¤¸à¥‡ में सोराइसिस शांत करने के लिये सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग और शराब छोड़ना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपाय है। इनके अलावा चोट, तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगा जखà¥à¤®, संकà¥à¤°à¤®à¤£, सनबरà¥à¤¨, किसी वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ का शॉट और हाई बलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, लीथियम व à¤à¤‚टी-मलेरियल दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ सोराइसिस को टà¥à¤°à¤¿à¤—र करती है।
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